Dehradun to Haridwar Trip

Dehradun to Haridwar Trip

नमस्कार viewers – ये खुबसूरत सफ़र है – हाल में ही केंद्र सरकार द्वारा स्मार्ट सिटी बनाये जाने की सूची में शामिल उत्तराखंड की राजधानी देहरादून और यहाँ से तक़रीबन 52 किलोमीटर की दुरी पर स्थित कुम्भ नगरी हरिद्वार का और मैं आपका होस्ट आलोक, आपका स्वागत करता हूँ, mesh क्रिएशन के youTube चैनल पर.. चलिए शुरू करते है सफ़र, ये नेहरु कॉलोनी/ धरमपुर के इलाके से हम गुजर रहें हैं, इसके बाद हरिद्वार के लिए हमे रिस्पना पुल से सीधे आगे की और बढ़ना होगा, उसी से दायें दिशा को ISBT लगभग ६ किलोमीटर है जहाँ पर उत्तराखंड से दुसरे राज्यों के लिए बसेज मिलती हैं,
हम रिस्पना से सीधे जोगीवाला चौक होते हुए, डोईवाला, माजरी ग्रांट, राइवाला होते हुए हर के पौड़ी, से आगे बढेंगे

रिस्पना ब्रिज से १.३ किलोमीटर पर स्थित जोगीवाला चौक, अभी दिन के तक़रीबन १ बजें हैं, अमूमन इस रूट पर भारी ट्रैफिक रहता है, आज डोईवाला में साप्ताहिक अवकाश रहता है इसलिए सड़क में कुछ कम ट्रैफिक नजर आ रहा है

जिंदगी ये सफ़र में है, कट रहा है रास्ता (यहाँ सफ़र इंग्लिश का नहीं उर्दू का है)

आप सभी को सेफ एंड pleasant journey … जनसँख्या के हिसाब से दोनों ही शहर काफी घनी आबादी वाले हैं

दोनों शहरों के मध्य अच्छा खासा भारी भरकम ट्रैफिक है, दोनों की आपस में दुरी सड़क मार्ग/ और रेल मार्ग द्वारा दुरी बराबर है जो कि 52 किलोमीटर है तो आईये चले चलते है देहरादून से हेर की पौड़ी, हरिद्वार के सड़क मार्ग द्वारा एक सुहावने सफ़र पर, देहरादून से हमारे सफ़र की शुरुवात रिस्पना ब्रिज से हुई. रिस्पना ब्रिज से 1.3 किलोमीटर की दुरी पर जोगीवाला चौक, अभी दिन का तक़रीबन १ बजा है, तारिख है २६ और महिना है अगस्त, साल २०१७…आज मौसम cloudy है … दून से हरिद्वार के लिए इस यात्रा मार्ग पर बीच में पड़ने वाली कसबे हैं या डोईवाला, रायवाला होते हुए हर की पैड़ी (लगभग ५२ किमी० )
इस मार्ग पर इन दिनों फ्लाईओवर का कार्य चल रहा है, इसलिए कुछ जगहों पर सड़क उबड़ खाबड़ है जो की निर्माण कार्य के चलते अस्त व्यस्त है,,, इसलिए ट्राफिक जाम और स्लो ट्रैफिक मूवमेंट रहता है… इसलिए जो सफ़र डेढ़ घंटे में हो जाना चाहिए… उसे पूरा करने में लगभग 2 से ढाई घंटे लग जायेंगे… जैसा की हम अभी स्लो मूव कर रहें है इस डेढ़ किलोमीटर की दुरी तय करने मई हमें १० से १५ मिनट लगे… पुरे सफ़र में १५ से ४५ मिनट तक अतिरिक्त समय लग सकता है\

ड्राइव करते हुए सड़क पर पूरा कंसंट्रेशन बनाये रखे, दुसरे वाहनों का भी ध्यान रखें, कभी भी कही से भी आपके रस्ते में indistinct ऑब्जेक्ट आ सकते हैं, जैसे कोई पशु, इंसान या अन्दर की गलियों से कोई दुपहियां/ तिपहिया वाहन, या कई दफा सामने से रोंग ओवरटेक या असावधानी से चलता हुआ वाहन करता हुआ वाहन… इसलिए सावधानी, सतर्कता से अपना वाहन चलायें खुद भी सुरक्षित रहें औरों को भी सुरक्षित रहने दें… एक टायर कमपनी के ऐड में कहा भी गया है “दी रोड इस फुल ऑफ़ इडियट्स” , इसलिए overspeed न रखें 50-60 kmph की स्पीड काफी है, इस गति से आपका वाहन बेस्ट एवरेज भी देगा और वाहन पर अच्छा नियंत्रण भी रहेगा… और पुरे सफ़र तय करने में बमुश्किल ३-४ मिनट अतिरिक्त लगेंगे, पर आप सुरक्षित पहुचेंगे इसकी गारंटी है,

आज गुरुवार है, आज डोईवाला के बाजार का साप्ताहिक अवकाश रहता है, इसलिए यहाँ और दिनों की भाँती ज्यादा ट्रैफिक नहीं है…

लो ये पहुच गए राइवाला, यहाँ से हरिद्वार के दुरी लगभग 9 किलोमीटर है

ये हर की पौड़ी का दृश्य, गंगा नदी के तट पर बसा हर की पैड़ी का दृश्य ये शाम को अपनी गंगा आरती के लिए प्रशिद्ध हैं, जिसेमी शामिल होने के लिए देश विदेश से पर्यटक यहाँ आते है,

हर का अर्थ यहाँ भगवान शिव से है
पौड़ी means कदमो के चिन्ह
दोनों को मिला के जो अर्थ निकलता है उसका भाव है भगवन शिव जी के चरण चिन्ह, ऐसा माना जाता है की पौराणिक काल में शिव जी यहाँ आये थे उन्होंने यहाँ ब्रह्मम कुंड के दर्शन किये थे , यहाँ पर उनके पदचिन्न्हो की छाप है दिवार में
हर की पौड़ी या हरि की पौड़ी भारत के उत्तराखण्ड राज्य की एक धार्मिक नगरी हरिद्वार का एक पवित्र और सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। इसका भावार्थ है “हरि यानी नारायण के चरण”। हिन्दू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार समुद्र मन्थन के बाद जब विश्वकर्माजी अमृत के लिए झगड़ रहे देव-दानवों से बचाकर अमृत ले जा रहे थे तो पृथ्वी पर अमृत की कुछ बूँदें गिर गई और वे स्थान धार्मिक महत्व वाले स्थान बन गए। अमृत की बूँदे हरिद्वार में भी गिरी और जहाँ पर वे गिरी थीं वह स्थान हर की पौड़ी था। यहाँ पर स्नान करना हरिद्वार आए हर श्रद्धालु की सबसे प्रबल इच्छा होती है क्योंकि यह माना जाता है कि यहाँ पर स्नान से मोक्ष की प्राप्ति होती है।

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जिस दौरान आप सफ़र कर रहें है, वो अगर अगस्त से मार्च के बीच का समय हो तो आप विंडो खुली रख के चल सकते हैं, इससे आप के चेहरे पर बाहर की ताज़ी हवा के झोके लगते रहेंगे.